भारतीय किसान यूनियन अम्बावता के पदाधिकारियों ने हाई कोर्ट के फैसले पर विचार विमर्श करके आगे की रणनीति बनाई

भारतीय किसान यूनियन अम्बावता के पदाधिकारियों ने हाई कोर्ट के फैसले पर विचार विमर्श करके आगे की रणनीति बनाई



ग्रेटर नोएडा।  शनिवार को भारतीय किसान यूनियन अम्बावता के पदाधिकारियों ने सोशल डिस्टेन्स का ध्यान रखते हुए कैम्प कार्यालय दनकौर में एकत्रित होकर आपस मे विचार विमर्श किया कि जो फैसला मा० हाई कोर्ट ने 27 मई 2020 को दिया है उसमें क्षेत्र के किसान और क्षेत्रीय जनता के हितों का ध्यान नहीं रखा गया है जिससे स्थानीय किसानों में काफी आक्रोश है और किसानों द्वारा एक याचिका हाईकोर्ट में पुनर्विचार के लिए डालने की भी सहमति बनी।


सभी पदाधिकारियों ने आपस मे विचार करके निर्णय लिया कि किसी भी संगठन का प्रथम उद्देश्य किसानों और क्षेत्र की जनता का भला करना ही है। इसलिए इस लड़ाई को सभी किसान संगठन एक साथ मिलकर लड़ने का काम करें जिससे सभी किसानों को उनका हक मिल सके। इस मौके पर मंडल उपाध्यक्ष श्याम सिंह भाटी एडवोकेट ने कहा कि यमुना विकास प्राधिकरण जानबूझकर किसानों का अहित करने में लगी हुई है जिसको किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब यह लड़ाई आर पार की लड़ी जाएगी इसके लिए सभी प्रभावित किसानों से संपर्क किया जा रहा है। 


इस मौके पर अशोक नागर, जग्गी पहलवान, गिरिराज सूबेदार, राजपाल भगत जी, प्रभु नागर, नरेश चपरगढ़,जबर सिंह मलिक, उधम नागर, मनोज भगत जी, राजकुमार रूपबास, हाजी केहर अली, नासिर प्रधान, उत्तम मुजखेड़ा,आदि लोग उपस्थित रहे।


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