गौशाला संचालकों ने लगाई कप्तान से गुहार

गौशाला संचालकों ने लगाई कप्तान से गुहार



मुरादनगर। लगता है कि लोग स्थानीय थाना स्तर पर कार्यवाही न होने के कारण वरिष्ठ अधिकारियों पर ही भरोसा कर न्याय की गुहार लगा रहे हैं। गंग नहर के निकट स्थित गौशाला चला रहे सुशील कुमार पुत्र ध्यान सिंह निवासी सर्वोदय नगर शिव मंदिर श्री नंद गोपाल गौशाला गाजियाबाद और साथी सोहनपाल ग्राम निवासी जलालाबाद ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गाजियाबाद को पत्र भेजकर कहा है कि हम दोनों गौशाला में नौकरी करते हैं। गौशाला की ब्रांच अब से 15 वर्ष पूर्व गंग नहर शिफ्ट कर दी गई थी। 


गौशाला जलालाबाद की जमीन में है। वहां पर एक मंदिर के पुजारी मुकेश गोस्वामी निवासी डिफेंस कॉलोनी मुरादनगर आता है और जो भी भक्त गायों के चारे के लिए कुछ पैसे दान करके जाते है उन्हें वह हड़प कर लेता है। गायों के लिए उसने हमें कोई खर्चा नहीं दिया है और उसने 23 जुलाई 2020 को रात में गायों को खोल कर वहां से भगा दिया। मैंने और मेरे साथी ने इस बात का विरोध किया तो हमारे साथ गाली-गलौज करने लगा और कहने लगा कि यहां दोबारा से गाय लाए गायों को जहर खिलाकर मार दूंगा। गायों के लिए आए दान की करोड़ों की धनराशि को वह हड़प चुका है और जो गायों व गौशाला के लिए सामान आया उसने अपने कब्जे में रख लिए और जमीन पर भी कब्जा कर लिया है। अब हमने अपनी सारी गाय उसके पास की जगह में बांध रखी है। 


इस बारे में पत्र में बताया गया है कि गाजियाबाद स्थित गौशाला में स्थान कम होने के कारण ग्रामीणों की सहमति से यहां गौशाला स्थापित की गई थी। गौशाला में कार्य करने के लिए दो महिलाओं सहित 9 लोग रहते हैं। लेकिन गाय के नाम पर लोगों से शनि मंदिर का महंत रुपए लेकर खुद हड़प कर लेता है। पत्र में अनुरोध किया गया है कि उचित जांच कर हमारी गायों व हमारी रक्षा की जाए और हमारी गायों को सही स्थान दिलाया जाए। 


उपरोक्त गौशाला में मौके पर लगभग 150 गाय मौजूद हैं जिन्हें चारे की भी पूरी व्यवस्था नहीं मिल पा रही है। यहां रहने वाले कर्मचारी गायों को जंगलों में ले जाकर उन्हें घास पत्ते आदि खिलाकर रख रहे हैं लेकिन अब उन्हें डर है कि उनके और गायों के साथ कोई अनिष्ट न हो जाए। 


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