मानसिक तनाव एक बड़ी समस्या, कारण और निवारण 

मानसिक तनाव एक बड़ी समस्या, कारण और निवारण 



लेखक शिखर इंदौलिया  


मानसिक तनाव आज के समय की बहुत बड़ी और आम समस्या है। हर व्यक्ति कहीं न कहीं किसी न किसी प्रकार से इस परेशानी से जूझ रहा है। इसी के चलते शरीर पर इसके काफी दुष्प्रभाव देखने को मिलते हैै। कोरोना जैसी महामारी के चलते ये तनाव और भी बढ़ गया। मानसिक तनाव या Stress भी तन और मन दोनों पर बुरा असर डालता है। जिससे अनेक शारीरिक और मानसिक बीमारियां जन्म ले लेती है। जैसे -डायबिटीज, पेप्टिक अल्सर, सिर दर्द, माइग्रेन, डिप्रेशन, हिस्टीरिया एवं मस्तिष्क रक्तस्राव प्रमुख हैं। मानसिक तनाव आजकल लोगो पर इतना हावी हो चुका है की लोगो को मनोचिकित्सक का सहारा लेना पड़ रहा है। यह एक भयंकर बीमारी का रूप ले रही है जिसका इलाज काफी कठिन है। मानसिक तनाव के कारण कुछ भी हो सकता है, इसलिए जरुरी ये है की अपनी मानसिक स्थिति को थोड़ा स्थिर रखने की कोशिश की जाए, उसके लिए शारीरिक व्यायाम, संगीत, योग, मैडिटेशन या सबसे जरुरी अगर आपकी कोई पसंदीदा विषय में रूचि हो तो उस विषय को अधिक समय दे। 


मानसिक तनाव के व्यक्तिगत कारणों में सबसे बड़ा कारण वातावरण है; ऐसा वातावरण, जिसमें कोई व्यक्ति रहता है। परिवार में घुटन का वातावरण मिलने पर कोई व्यक्ति बचपन से ही मानसिक तनाव अथवा हीनभावना का शिकार हो सकता है। बचपन में उत्पन्न यह तनाव बुढ़ापे तक पीछा नहीं छोड़ता। ऐसा व्यक्ति जटिल मानसिक एवं शारीरिक रोगों से ग्रस्त रहता है और मरते दम तक कष्टदायक रोगों से जूझता रहता है। 


अपने भविष्य की चिंता में डूबे न रहें।


किसी भी कार्य को टालने की आदत न बनाएं।


कार्य इस सीमा तक न करें, जिससे अधिक थकान हो। 


तनाव से मुक्ति पाने के उपाय- Stress Management


 


अपने मित्रों, रिश्तेदारों से बड़ी-बड़ी उम्मीद न लगाएं।


रोने के मौकों पर अपने आंसू न रोकें।


क्रोध न करें और न ही उसे दबा कर रखें।


जिन्हें जरा-जरा सी बात में क्रोध आ जाता है, उनका मस्तिष्क अकसर तनाव की स्थिति में बना रहता है। ऐसे व्यक्तियों को अपने क्रोध पर काबू पाने का उपाय करते रहना चाहिए। 


 


मानसिक रोग के लक्षण, कारण और प्रकार


आन्तरिक मन में द्वन्द की भावना पनपने से स्वयं को बचाएं। इससे तनाव तो होगा ही, साथ ही आपके अंदर अच्छी सोच में भी कमी आयेगी। 


नींद की कमी मानसिक तनाव के कारण हो सकती है, और मानसिक तनाव भी नींद की कमी से हो सकता है। तनाव के सम्बंध में नींद का बहुत महत्त्व है। प्रत्येक व्यक्ति के मस्तिष्क में एक छोटी-सी ग्रंथि होती है, जिसे चिकित्साविज्ञान की भाषा में मेलाटॉनिन कहा जाता है। यह ग्रंथि अँधेरे में सक्रिय होती है और एक ऐसा हार्मोन उत्पन्न करती है, जो नींद लाने में सहायक होता है, मानसिक तनाव दरअसल सिर्फ “मन की अवस्था” या वहम होता है। 


आर्थिक तंगी ,भविष्य की चिंता या प्रेम प्रसंग प्रमुख कारण माने गए है। यहाँ तक कि मानसिक तनाव का शिकार होकर बहुत साधन सम्पन्न व्यक्ति का जीवन भी गहरी निराशा में गुजर जाता है। मानसिक तनाव अन्य कारणों में बेतहाशा इच्छाओं का पूरा ना होना भी होता है अ।गर आप ध्यान दें तो, लाखो सालो के मानव विकास के सफ़र में सबसे पहले उसकी जरुरत सिर्फ पेट भरने तक ही सीमित थी। सिर्फ भरपेट खाना मिलना ही उसकी सबसे बड़ी ख़ुशी होती थी। उसके बाद जीवन को आरामदायक और आनंदमय बनाने के लिए बहुत सारी मशीनों की खोज हुई जो आज तक बदस्तूर जारी है। इन सबके बावजूद आज भी इंसान की जरूरते पूरी नहीं हो सकी है। लोग अपनी ख़ुशी के लिए एक के बाद एक सामान खरीदते जाते है और दूसरे का सपना देखते रहते हैं। अंत में इन सब संसाधनो को पाने के लालच और संघर्ष के दबाव से ज्यादातर लोग मानसिक तनावों से घिर जाते है। मानसिक तनाव से बचने के लिए अपनी “क्षमता और महत्त्वाकांक्षा” के बीच संयोजन यानि बैलेंस बनाना आना चाहिए। क्योंकि इच्छाएं असीमित होती है। 


शिखर इंदौलिया  


(नेचुरोपैथी एवं योग विशेषज्ञ )


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