चुनाव से पहले होली पुलिस प्रशासन के लिए चुनौती अतिरिक्त सतर्कता की आवश्यकता - अनिल मित्तल

चुनाव से पहले होली पुलिस प्रशासन के लिए चुनौती अतिरिक्त सतर्कता की आवश्यकता - अनिल मित्तल





मुरादनगर। पंचायत चुनाव से पहले पड़ रहा रंगों का त्योहार होली पुलिस प्रशासन के लिए कई चुनौतियां पेश कर सकता है। जहां क्षेत्र में शराब की तस्करी  बढ़नी शुरू हो गई है क्योंकि होली के नाम पर हर संभावित प्रत्याशी प्रयास करेगा कि वह अपने मतदाताओं को होली के त्यौहार पर शराब के साथ शुभकामनाएं दे। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में हिंसक वारदातों में भी बढ़ोतरी हो सकती है क्योंकि इस बार की होली खास माहौल चुनाव से पहले मनाई जा रही है। इसलिए प्रत्याशी गांव में होली की दावत त्योहार से कई दिन पहले शुरू कर देंगे और लोग भी अपने अपने प्रत्याशियों के खाने पीने के इंतजाम के स्थान पर बड़ी संख्या में जुटेंगे और एक दूसरे के खिलाफ आरोप प्रत्यारोप पुराने झगड़ों को हवा दी जाएगी जिससे जिस प्रत्याशी को लाभ हो सकता है। वह सभी प्रयत्न प्रत्याशी और उसके समर्थक करेंगे। 
ऐसे में पक्ष विपक्ष में तकरार तो होती ही है लेकिन कभी-कभी यह तकरार बड़ी घटना का रूप ले लेती है। स्थानीय शराब महंगी पड़ती है। प्रत्याशी तस्करी कर लाई गई शराब का इस्तेमाल अधिकांश करते हैं। होली के लिए शराब का स्टॉक प्रत्याशियों ने अभी से करना शुरू कर दिया है। ऐसी शराब में जहरीली शराब आने का भी अंदेशा बना रहता है। कई दिन पहले से चलने वाली दावतओं में शराब के कारण भी माहौल बिगड़ने का बड़ा अंदेशा बना रहता है। इसलिए पुलिस प्रशासन को नजर रखनी होगी कि कहां से किस तरह किसके यहां शराब पहुंच रही है। गांव की गुटबाजी  रंजिशों के बारे में भी सतर्कता बरतनी होगी। पहले से ही कहावत है कि होली के दिन मतभेद विवाद समाप्त हो जाते हैं या पुरानी रंजिश का बदला भी लिया जाता है। इसलिए इस बार रंगों के त्यौहार पर पुलिस प्रशासन के लिए कड़ी परीक्षा होगी। इस बारे में वरिष्ठ पत्रकार ग्रामीण क्षेत्र के जानकार अनिल मित्तल ने बताया कि चुनावी मौसम में पड़ने वाले त्योहारों पर ग्रामीण क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा सतर्कता की आवश्यकता है।
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