कांग्रेसी पास सत्तासीन फेल -

 कांग्रेसी पास सत्तासीन फेल ......

मुरादनगर। पत्रकार साजिद अली के निधन पर कांग्रेस की महासचिव श्रीमती प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा उनके परिवार को भेजे गए शोक सांत्वना संदेश ने लोगों में एक चर्चा भी शुरू कर दी है। क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ता कितने ही गुटबाजी में फंसे हैं लेकिन वह अपने क्षेत्र के लोगों के दुख दर्द को वरिष्ठ नेताओं तक पहुंचाते हैंं और प्रयास करते हैं कि उनके स्तर से लोगों की मदद हो सके वहीं सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के नेता कार्यकर्ता इस कार्य में विफल हैंं। लोगों का कहना है कि किसी के किसी अपने के बिछड़ने पर अथाह धन-संपत्ति के स्थान पर सहानुभूति के दो शब्द भारी पड़ते हैं। पीड़ित के मन को सांत्वना अधिक मजबूत बनाती है नेकपुर निवासी पत्रकार साजिद अली के निधन पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने पत्र भेज परिवार को शोक व संवेदना भेजी हैं। ऐसे पत्र राजनेताओं द्वारा भेजे जाते हैं लेकिन उनके पीछे स्थानीय कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती हैै। राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के लिए संभव ही नहीं है कि वह किसी क्षेत्र की घटना के बारे में जानकारी रख सके संबंधित क्षेत्र के कार्यकर्ता ही अपने नेताओं को ऐसी जानकारियां देते हैं। तभी वरिष्ठ नेता उसे संज्ञान में लेते हैं किसी की जान जाने के बाद शोक संवेदनाएं व्यक्त करने से उसके परिवार में हुई क्षति की पूर्ति नहीं हो सकती। लेकिन सामाजिक सद्भाव संवेदनाएं पीड़ितों को ऐसी दुखद स्थिति से उबरने में जरूर सहायता करती हैं। कहने के लिए क्षेत्र से कांग्रेस का सूपड़ा साफ है कांग्रेसी जूतों में दाल बांट रहे हैं लेकिन एक पत्र ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि जमीनी स्तर पर आज भी उनका वजूद बरकरार है। क्षेत्र में कोरोना के कारण सैकड़ों लोग जान गवां बैठे भाजपा सरकार में उसी के चेयरमैन के कार्यकाल में श्मशान घाट भ्रष्टाचार के कारण 25 लोगों की जान चली गई सभी के परिवार बर्बाद हो गए। कोरोना से भी सैकड़ों मौतें हो चुकी हैं लेकिन किसी भाजपा नेता ने इतना साहस नहीं दिखाया कि वह शीर्ष नेताओं को यहां की भयावह स्थितियों से अवगत करा यहां बुलाए उल्टे मेरठ गाजियाबाद आए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को यहां नहीं आने दिया गया। वह कमी अधिकारियों की कम पार्टी वालों की ज्यादा है। क्योंकि अधिकारी नौकरी करने आता है और फिर दूसरे स्थान पर चला जाता है। इसलिए उनसे आम जनता के प्रति सहयोग सद्भाव के बारे में सोचना भी समय व्यर्थ करना है क्योंकि ऐसे अधिकारी गिनती कुछ ही हैं जो आमजन के बारे में सोचते हैं। किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ा व्यक्ति लोगों की सेवा के लिए समर्पित होता है। इस पत्र पर कुछ लोगों ने ऐसी टिप्पणी भी की है जिनका उल्लेख करना उचित नहीं होगा। लेकिन उनके लिए भी एक जवाब है की वह पता लगाएं कि जब दिल्ली में कांग्रेस की सरकार थी उस समय इस क्षेत्र एक गैर मुस्लिम युवक को 50 लाख से अधिक की मदद इलाज के लिए स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं के सहयोग से मिली थी। सत्ता में बैठे लोग किन्ही स्वार्थों के कारण पार्टी के शीर्ष नेताओं को जमीनी हकीकत बताने से डरते हैं। लेकिन गुटबाजी तमाम कमियों के बावजूद भी कांग्रेसी क्षेत्र के लोगों के दुख दर्द बांटने में पीछे नहीं रहते और हर संभव वरिष्ठ पार्टी नेताओं तक भी जानकारी पहुंचा कर अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाते हैं। कांग्रेस के शीर्ष नेता भी कार्यकर्ताओं की सूचना सलाह का सकारात्मक जवाब देते हैं जिससे लोगों दिल में पार्टी नेता दोनों को स्थान मिलता है और कार्यकर्ता उसके क्षेत्र में वरिष्ठों की सक्रियता से उत्साहित होते हैं। ऐसे में लोगों का यह प्रश्न भी महत्वपूर्ण है कि क्या भाजपा के शीर्ष नेता यहां के नेताओं की सुनते नहीं है या फिर सत्ता का दंभ दिखाने वाले अपनी बात बड़े नेताओं के सामने नहीं रख पाते या फिर उनकी बात को महत्व नहीं दिया जाता। सत्ताधारी समझते हैं कि जनता का पैसा पीड़ितों को सहायता के रूप में देकर वह बहुत बड़ा कार्य करने में सफल रहे लेकिन कुछ रुपयों से किसी को अपना नहीं बनाया जा सकता क्योंकि वह पैसा किसी नेता के निजी खाते से नहीं टैक्स के रुपयों में से जनता का ही होता है। किसी भी पार्टी का शीर्ष नेतृत्व लोगों की बड़ी से बड़ी समस्याओं का हल करने में सक्षम होता है और सत्ता में बैठे राजनेताओं की यह जिम्मेदारी होती है कि वह अपनी जनता के दुख दर्द सुने दूर करे। लेकिन यहां के भाजपा नेता श्मशान घाट जैसी बड़ी त्रासदी से पीड़ित लोगों को भी अभी तक घोषित सहायता न्याय नहीं दिला सके हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री श्री योगी सत्ताधारी पार्टी के एक नेता ने फोन पर बताया था कि मुख्यमंत्री मुरादनगर पीड़ितों से मिल सकते हैं लेकिन उन्हें अधिकारी दूसरी ओर ले गए और भाजपाई मुख्यमंत्री के सामने यहां की स्थिति भी नहीं आने दी।

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