हॉस्टल बने होटल हो रहे हैं अनैतिक कृत्य

 

हॉस्टल बने होटल हो रहे हैं अनैतिक कृत्य


मुरादनगर। आबादी के बीचों बीच बनाए गए हॉस्टल होटल बन गए जो अब अनैतिक कार्यों के कारण क्षेत्र की बदनामी दूर-दूर तक कर रहे हैं। वहीं वहां हो रहे गंदे धंधे से स्थानीय निवासी परेशान हैं क्योंकि उसका युवा पीढ़ी पर दुष्प्रभाव पड रहा है और बच्चों के कोमल मस्तिष्क को भी प्रभावित कर रहा है। यहां असालतनगर गांव व आसपास की कॉलोनियों में लोगों ने उन छात्र-छात्राओं के लिए हॉस्टल बनाए थे। जो दूरदराज से आकर यहां के इंजीनियरिंग मेडिकल सहित अन्य विषयों के निजी कॉलेजों में शिक्षा डिग्री के लिए प्रवेश लेने के बाद कोर्स पूरा होने तक हॉस्टल किराए के कमरों में रहते है। क्योंकि सभी कॉलेजों में हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध नहीं है और जिनमें है उनमें रहने के लिए बहुत ज्यादा रुपए लिए जाते हैं। इसलिए अधिकांश छात्र-छात्राएं आसपास की कालोनियों में किराए के कमरे के सहारे रहते थे आने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या को देखते हुए लोगों ने अच्छी कमाई की उम्मीद से हॉस्टल होटल बनाने प्रारंभ कर दिए। जिनकी संख्या काफी ज्यादा हो गई शुरुआती दिनों में हॉस्टलों में अधिकांश कमरे फुल रहते थे कुछ में मैस की भी व्यवस्था थी उस समय हॉस्टल वालों को अच्छी खासी कमाई हो जाती थी। कुछ वर्षों से यहां के कॉलेजों में दाखिले लेने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या में भारी कमी हो गई और हॉस्टल खाली रहने लगे। हॉस्टल संचालकों ने पर्यटन के कारोबार से जुड़ी संस्थाओं से संपर्क कर हॉस्टलों को होटलों में बदल दिया। आसपास के महानगरों में होटलों के किराए काफी महंगे होने के कारण सस्ते के ग्राहकों को यहां लाया जाने लगा। लेकिन उसी की आड़ में देह व्यापार जैसे कार्य भी होने लगे परेशान लोगों ने कई बार पुलिस प्रशासन से यहां होने वाली गतिविधियों पर अंकुश लगाने की मांग की लेकिन पुलिस होटल चलाने वालों के साथ ही खड़ी नजर आई। राधेश्याम बिहार बसंतपुर सैंतली स्थित एक होटल से कई बार धंधे पकड़े भी गए पुलिस कार्रवाई भी हुई लेकिन हालात सुधरने के स्थान पर बद से बदतर हो गए। गांव की बीच आबादी में स्थित एक होटल पर लोगों ने जमकर हंगामा किया पुलिस भी पहुंची जोड़े भी मौके पर मिले लेकिन पुलिस ने उसमें खेल करते हुए जिनसे लोगों को आपत्ति थी उन्हें साफ निकाल दिया लोगों का मन बहलाने के लिए होटल संचालकों के खिलाफ मामूली धाराओं में कार्यवाही कर दी। इस बारे में असालतनगर के कई लोगों ने बताया कि यहां होने वाले अनैतिक कार्यों की ओर से पुलिस अनजान बनी रहती है जबकि उसकी जानकारी में सब कुछ होता है। जिसके कारण यहां परिवारों का रहना दुश्वार हो गया है।


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