खतरनाक मासूमों से दवा के पैकेट खुलवा कर फेंकी जा रही है दवाएं

खतरनाक मासूमों से दवा के पैकेट खुलवा कर फेंकी जा रही है दवाएं 


मुरादनगर। छोटे-छोटे बच्चों से दवाइयों की पैकिंग खुलवाकर नौनिहालों की जान को खतरे में डाला जा रहा है, वहीं पैकिंग में से निकाली गई दवाइयों को आवासीय कालोनियों के आसपास फेंका जा रहा है। ऐसी दवाइयों में कुछ बहुत घातक होती हैं जो भूमि के अंदर जाकर पानी के साथ मिट्टी में मिल कर धूल के रूप में लोगों के शरीर में पहुंच उनके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा रही हैं। जलालपुर रोड पर बड़ी मात्रा में दवाइयों के ऐसे पैकेट जो सिल्वर कोटेड होते हैं। विभिन्न स्थानों से लाए जाते हैं जिन्हें ट्रकों द्वारा यहां लाया जाता है, उनमें अधिकांश दवाइयां एक्सपायर होती हैं। नियम अनुसार उन्हें पूरी तरह से नष्ट करना अनिवार्य होता है लेकिन यहां उसमें भी धंधा चलाया जा रहा है। बड़े-बड़े अस्पतालों दबाव के थोक विक्रेताओं के यहां से एक्सपायर दवाइयों को यहां एकत्र किया जाता है। सिल्वर कोटेड पैकिंग से दवाइयों को निकाल कर इधर-उधर फेंक दिया जाता है और सिल्वर कोटेड रेपरों को एलुमिनियम के भाव फैक्ट्रियों में बेचा जाता है। इस कार्य में आसपास की कालोनियों के छोटे-छोटे बच्चों को लगाया जाता है जिससे 10 से 20 रुपए में पूरे दिन कार्य करने वाला मिल जाता है, और कहीं शिकायत का भी डर नहीं रहता। इस बारे में सहविश्वा निवासी साकिब ने उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर अवगत कराते हुए बताया है कि गैर कानूनी तरीके से दवाइयों का भंडारण बच्चों से खतरनाक काम कराने से बच्चों के साथ हादसे की आशंका बनी रहती है, तथा खुले में फेंकी गई दवाइयों के कारण बीमारियां भी फैल सकती हैं। रैपर से अलग की गई दवाई अनजाने में बच्चे खा भी सकते हैं और फेंकी हुई दवाइयां किसी भी रूप में आसपास रहने वाले लोगों को प्रभावित कर सकती हैं। लेकिन लोग अपने स्वार्थ के लिए दूसरों की जान खतरे में डाल रहे हैं। उन्होंने बताया कि पैकिंग में से निकाली गई गोलियां कैप्सूल आदि कहीं भी खुले में फेंक दिए जाते हैं। जिनमें कुछ दवाइयां ऐसी होती हैं जो लोगों को गंभीर स्थिति में पहुंचा सकती हैं

Comments