बारिश से सड़कों की दुर्दशा अधिकारी सरकार के आदेश को भी दिखा रहे ठेंगा - लोकेश
बारिश से सड़कों की दुर्दशा अधिकारी सरकार के आदेश को भी दिखा रहे ठेंगा - लोकेश


मुरादनगर। क्षेत्र में बरसात की मार ज्यादा तेज थी या सड़कें बारिश झेलने लायक नहीं थीं। नगर की अधिकांश कालोनियों की सड़कें बारिश से कहीं उखड़ गई कहीं जमींदोज हो गई और गड्ढे इतने हैं कि 1 दिन में गिनने भी नामुमकिन है। दिल्ली मेरठ हाईवे के दुर्गति उसी दिन से होने लगी थी जब इसे राष्ट्रीय राजमार्ग से हटाकर प्रदेश सरकार को सौंप दिया गया था। हाईवे के बीच चल रहे रैपिड रेल के निर्माण में  सहयोगी मशीनरी अन्य सामग्री भारी वाहनों में लाए जाने के कारण हाईवे की ऐसी दुर्दशा हो गई है कि बिना ब्रेक लिए 1 किलोमीटर भी सड़क पर चलना भारी है। बरसात ने शहर की कालोनियों की सड़कों की हालत भी हाईवे जैसी ही कर दी है। हालांकि इस मार्ग पर अब एक सीमा की ऊंचाई तक के ही वाहन चलेंगे, उसके लिए हाईवे पर कई स्थानों पर बैरियर लगाए जा रहे हैं। जिससे भारी वाहन दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे से होकर जाएंगे उससे रोड पर बड़े वाहनों की संख्या कम हो जाएगी। वहीं वाहनों के बढ़ने से टोल टैक्स बढ़ेगा व्रज विहार, गंगा विहार, ईदगाह बस्ती इसके अलावा कुछ स्थानों पर कंपनियों द्वारा गैस लाइन बिछाने के लिए व अन्य प्रयोजनों के लिए खुदी सड़कें कार्य दाई कंपनियों ने ठीक कराईं थीं। लेकिन बरसात के कारण उन स्थानों पर रास्तों में गड्ढे बन गए हैं। कॉलोनियों में रात के समय बिजली आपूर्ति बाधित हो जाने पर अंधकार छा जाता है ऐसे में यह गड्ढे किसी के लिए जानलेवा भी साबित हो सकते हैं। विशेषकर दुपहिया वाहन गड्ढे में चले जाने पर जाने पर चालक का घायल होना नई बात नहीं है। प्रीत विहार, डिफेंस कॉलोनी, शंकर विहार, शिवम विहार निवासियों ने यह बताया की टूटी सड़कों के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, यदि अभी मरम्मत नहीं की गई तो सड़कें बिल्कुल समाप्त हो जाएंगी। हाईवे 58 से दर्जनों कॉलोनियों को जोड़ते हुए गांव जलालपुर, रघुनाथपुर होते हुए पाइपलाइन को जाने वाली सड़क की स्थिति भी अत्यधिक खराब हो चुकी है। ग्राम प्रधान लोकेश कुमार एडवोकेट ने बताया कि इस उसने संबंधित विभाग के अधिकारियों को कई बार पत्र लिखकर सड़क गड्ढा मुक्त कराने का आग्रह कर चुके हैं लेकिन सरकार के गड्ढा मुक्त सड़कों के निर्देशों को अधिकारी ही ठेंगा दिखा रहे हैं‌।


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