क्षेत्र बन रहा नशे की मंडी बड़े आकाओं को नहीं पकड़ पाती पुलिस

क्षेत्र बन रहा नशे की मंडी बड़े आकाओं को नहीं पकड़ पाती पुलिस

मुरादनगर। क्षेत्र नशे की मंडी बन रहा है। हर तरह के नशे कि यहां सहज उपलब्धता के कारण जहां पुलिस की कडाई के कारण नशे की दुकानें बंद हो चुकी है वहां तक से लोग यहां नशा करने खरीदने के लिए आते हैं। पुलिस नशे का छोटा मोटा काला कारोबार करने वालों को कभी-कभी पकड़ कर जानलेवा धंधे का खुलासा करने का दावा करती है लेकिन उससे मौत के सौदागरों का धंधा पूरी तरह बंद नहीं होता क्योंकि पुलिस छोटी मछलियों के आकाओं तक नहीं पहुंच पाती या जान पूछ कर उन पर शिकंजा नहीं कश्ती। ताज्जुब की बात है कि महीनों तस्कर शहर की पाॅश कॉलोनी में बैठकर नशे का जाल फैलाते रहे और पुलिस को भनक तक नहीं लगी या फिर पुलिस ने जान पूछ कर पता नहीं किया। शुक्रवार को पुलिस विभाग की कई शाखाओं की टीम ने यहां की एक कॉलोनी में छापा मारकर बड़ी मात्रा में गांजा बरामद करने का दावा करते हुए बताया है कि अपने आप को चैनल का रिपोर्टर बताने वाले युवकों को चेकिंग के दौरान पकड़ने के बाद यह खुलासा हुआ है और वह लोग लंबे समय से यहीं से अपना धंधा चला रहे थे। पुलिस के आला अधिकारी शायद अंधेरे में रहते हो लेकिन स्थानीय पुलिसकर्मियों की निगाह से बच कोई इतने दिनों तक अनैतिक कार्य करता रहे यह संभव नहीं दिखलाई देता। बीट कर्मचारी की यह जिम्मेदारी होती है कि वह अपने क्षेत्र में होने वाली हर संदिग्ध घटना रहने वाले लोगों के बारे में सटीक जानकारी रखें लेकिन फिर भी पुलिस को अपने क्षेत्र में होने वाले काले कारनामे दिखलाई नहीं देते। मुरादनगर के आसपास बड़ी संख्या में शिक्षण संस्थान हैं जहां तक नशा बेचने वालों ने अपना जाल फैलाया हुआ है यह भी बड़ा कारण है कि यह क्षेत्र हर तरह के नशे की मंडी का रूप ले रहा है ।इस बारे में जानकारी एकत्र की जिसमें कई चौंकाने वाले सत्य सामने आए कुछ कालोनियां नशे के सौदागरों के कारण इतनी बदनाम हो गई है कि वहां शरीफ आदमी अपने परिवारों के साथ रहने में असुरक्षित समझने लगे हैं क्योंकि नशे के काले धंधे से अकूत धन कमाने वाले किसी को भी बर्बाद करने में समय नहीं लगाते। आसानी से नशीली वस्तुएं मिल जाने के कारण युवा पीढ़ी तो बर्बाद हो ही रही है खेलने पढ़ने की आयु के नौनिहाल भी नशे की लत में पडकर अपने जीवन को अंधकार की ओर धकेल रहे हैं।

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