शहर में झुग्गियों के बसे हैं कई गांव लगी आग तो हो सकता है बड़ा नुकसान

शहर में झुग्गियों के बसे हैं कई गांव लगी आग तो हो सकता है बड़ा नुकसान

 मुरादनगर। शहर में झुग्गियों कि कई कालोनियां आबाद हैं जिनमें हजारों की संख्या में परिवार रहते हैं उनमें से कुछ रोहिंग्या भी बतलाए जाते हैं। झुग्गियां जिस जमीनों पर बसी हुई है जमीन मालिक उनसे हर महीना किराया भी लेते हैं। अधिकांश झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले कबाड़ बीनने का कार्य करते हैं जिसके कारण झुग्गियों के आसपास रबड़ प्लास्टिक पॉलिथीन आदि ज्वलनशील वस्तुओं के ढेर लगे रहते हैं। लेकिन वहां सुरक्षा के कोई ऐसे प्रबंध नहीं है यदि किसी कारणवश वहां किसी चीज में आग की चिंगारी पहुंच जाए और आग को भड़कने से रोका जा सके। हालात यह है कि यदि कबाड़ के छोटे से भाग में भी आग लग गई तो वह समस्त क्षेत्र को राख करने के बाद ही बुझ पाएगी। क्योंकि वहां पानी तक के पर्याप्त साधन नहीं है ऐसी ही कुछ झोपड़ियों में मेहनत मजदूरी बेलदारी आदि करने वाले लोगों के परिवार भी रहते हैं। झुग्गियों में अवैध है या वैध बिजली कनेक्शन भी हैं उनकी भी जांच होनी चाहिए। पड रही भीषण गर्मी या बिजली के तारों से उठी चिंगारी वहां सब कुछ खत्म कर सकती है जिसमें जनहानि की संभावनाओं से भी इनकार नहीं किया जा सकता। हाल ही में कई स्थानों पर झुग्गियों में आग लगने के कारण बड़े नुकसान हुए हैं लेकिन फिर भी पुलिस प्रशासन इस ओर से बेखबर है। लोगों ने बताया कि रावली रोड शहजाद पुर रोड गंगा विहार प्रीत विहार के निकट असालत नगर आदि क्षेत्रों में बड़ी संख्या में  झोपड़ियां बनी हुई है और वहां हर समय कबाड़ के बड़े-बड़े ढेर लगे रहते हैं जिसके कारण दुर्घटना होने का हर समय अंदेशा बना रहता है। यही नहीं यदि आबादी के पास रखी गई झुग्गियों में आग लगने की घटना होती है तो वह आसपास की कॉलोनी के लोगों को भी प्रभावित करेगी।

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